सोन नदी किनारे अवैध कोयले का भंडार उजागर, 60 टन कोयला और ट्रेलर जब्त

बटूरा में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई; जब्त सामग्री अमलाई थाने की अभिरक्षा में रखी गई

शहडोल। जिले में अवैध कोयले के भंडारण और कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी अभियान के तहत बुढ़ार तहसील के ग्राम बटूरा में सोन नदी के किनारे छापेमारी कर लगभग 60 टन कोयला जब्त किया गया। मौके पर खड़ा एक ट्रेलर भी कार्रवाई के दायरे में आया, जिसे कोयले के साथ जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बटूरा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और भंडारण की शिकायत मिलने पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने औचक जांच की। शहडोल कलेक्टर पार्थ जैसवाल और पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान सोन नदी के किनारे बड़ी मात्रा में कोयला जमा मिला। जांच में करीब 60 टन कोयले के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

दस्तावेज नहीं मिलने पर कोयले की जब्ती

जांच दल ने मौके पर मौजूद कोयले के भंडार और वहां खड़े ट्रेलर की पड़ताल की। अधिकारियों के अनुसार, कोयले के वैध होने से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर जब्ती की कार्रवाई की गई। मौके पर रखे कोयले को जेसीबी मशीन की सहायता से ट्रेलर में लोड कराया गया। इसके बाद जब्त कोयले और ट्रेलर को सुरक्षा की दृष्टि से अमलाई थाने की अभिरक्षा में रखवाया गया। कार्रवाई के दौरान जब्ती संबंधी पंचनामा भी तैयार किया गया।

कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत होगा प्रकरण

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले में नियमानुसार प्रकरण तैयार किया जा रहा है। आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए इसे कलेक्टर न्यायालय, शहडोल में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रकरण में दोष सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

अवैध भंडारण की शिकायतों के बाद कार्रवाई तेज

बुढ़ार और अमलाई क्षेत्र में सोन नदी के आसपास अवैध कोयला भंडारण को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में बटूरा में हुई यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन की इस पहल से अवैध कारोबार पर नियंत्रण की उम्मीद जगी है। अब निगाहें आगे की जांच पर हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त कोयला कहां से लाया गया था और इसके भंडारण में कौन-कौन शामिल था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह सवाल भी अहम हो गया है कि सोन नदी के आसपास अवैध कोयला भंडारण पर स्थायी रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाएगा। यदि जांच में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी

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