
दैनिक भारती धनपुरी। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा द्वारा अस्पतालों का निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। हाल ही में सिविल अस्पताल ब्यौहारी के निरीक्षण के बाद अब धनपुरी के नागरिकों की निगाहें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और लंबे समय से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भवन और उपकरण होने के बावजूद कई सुविधाओं का अपेक्षित लाभ मरीजों को नहीं मिल पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब इलाज की बुनियादी व्यवस्था स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकती है, तो मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों या निजी संस्थानों का रुख क्यों करना पड़ रहा है?
शल्य चिकित्सा कक्ष तैयार, फिर भी नहीं हो रहे ऑपरेशन
अस्पताल में शल्य चिकित्सा कक्ष और आवश्यक उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण यहां ऑपरेशन की सेवाएं प्रभावित होने की बात कही जा रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, शल्य चिकित्सक और बेहोशी विशेषज्ञ के पद लंबे समय से रिक्त बताए जा रहे हैं। इसके चलते छोटे ऑपरेशन के मामलों में भी मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय, खर्च और परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डिजिटल एक्स-रे मशीन का उपयोग नहीं, मरीज परेशान
अस्पताल में लाखों रुपये की डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं होने का मामला भी चिंता का विषय है। बताया जाता है कि बरसात के दौरान छत से पानी टपकने के कारण मशीन को पन्नी से ढक दिया गया था। लेकिन बरसात समाप्त होने के बाद भी मशीन शुरू नहीं हो सकी। यदि यह स्थिति सही है, तो संबंधित अधिकारियों को मशीन बंद रहने के कारणों की जांच कर जल्द से जल्द सेवा बहाल कराने की जरूरत है। फिलहाल मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जहां उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है।
खून की जांच के लिए भी दूसरे केंद्र पर निर्भरता
स्थानीय स्तर पर यह शिकायत भी सामने आ रही है कि धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्त के नमूनों की जांच नहीं हो पा रही है और नमूने जांच के लिए बुढ़ार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे जाते हैं। यदि ऐसा है, तो मरीजों को जांच रिपोर्ट मिलने में होने वाली देरी और जांच व्यवस्था की उपलब्धता की समीक्षा जरूरी है। स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित होने से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकता है।
साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता पर भी सवाल
अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और जरूरी दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को स्वच्छ वातावरण और आवश्यक दवाएं मिलना बुनियादी जरूरत है। इन व्यवस्थाओं में कमी होने पर सबसे अधिक परेशानी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उठानी पड़ती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निरीक्षण से जगी उम्मीद
धनपुरी के नागरिकों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों के रिक्त पदों, बंद पड़ी मशीनों, जांच सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए। साथ ही जिन सुविधाओं को तत्काल शुरू किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बहाल कराया जाए।अब देखना होगा कि धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समस्याओं पर स्वास्थ्य विभाग कब गंभीरता से कार्रवाई करता है। स्थानीय लोगों की मांग स्पष्ट है-अस्पताल में उपलब्ध संसाधन केवल भवन और उपकरणों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ भी मरीजों को मिले, ताकि सामान्य उपचार के लिए उन्हें दूसरे शहरों या निजी केंद्रों की दौड़ न लगानी पड़े।