ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: सीएसपी हटाने के निर्देश, आठ पुलिसकर्मी निलंबित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए घटना की विस्तृत जांच के निर्देश, बोले—जनसुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

ग्वालियर, 18 अक्टूबर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सीएसपी को तत्काल हटाने तथा तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों सहित कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

नवरात्रि में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के साथ हुआ हादसा

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर मार्ग पर रविवार तड़के करीब 1:30 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार और दीवार से जा टकराया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना में कई लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु घायल हुए।

इन पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने की कार्रवाई के साथ आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, यातायात निरीक्षक राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी तथा आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया और पवन सेंगर शामिल हैं। हादसे के दौरान प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई, इसकी जांच की जा रही है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित चूक की पड़ताल की जाएगी। जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।

पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना

मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं। घायलों के नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

जनसुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्वालियर हादसे के बाद की गई कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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