आमंत्रण हो या ऑफर डॉट एपीके यदि है लिखा तो कटाई न करें डाउनलोड, साइबर विशेषज्ञ प्रशांत द्धिवेदी ने बताया ठगी से बचने का उपाय


दैनिक भारती शहडोल। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के तरीके बदलते रहते हैं। अब सामान्य संदेशों की बजाय सोशल मीडिया, टेलीग्राम, वाट्सएप या एसएमएस के जरिए आपका चालान कटा है, आपको शादी का निमंत्रण मिला है, आपको विशेष इनाम मिला है जैसे मैसेज भेज रहे हैं। इन संदेशों के साथ एक छोटी सी फाइल होती है जिसका नाम एपीके से खत्म होता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इसे डाउनलोड करता है, मोबाइल में बैकग्राउंड में एक खतरनाक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है। यह मोबाइल के अंदर छिपकर काम करता है और यूजर की हर गतिविधि को रिकॉर्ड करने लगता है। ठग इन जानकारियों का इस्तेमाल रुपये निकालने, ब्लैकमेल करने या किसी और साइबर अपराध में करते हैं। साइबर विशेषज्ञ प्रशांत द्धिवेदी ने बताया कि कैसे हम इस तरह की ठगी से बच सकते है। दक्षिणी पश्चिमी जिला स्थित साइबर थाने के एसएचओ प्रवेश कौशिक के मुताबिक एपीके (एंड्रायड पैकेज किट) असल में एंड्रायड मोबाइल एप की इंस्टॉलेशन फाइल होती है। गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए गए एप सुरक्षित होते हैं क्योंकि वे सुरक्षा जांच से गुजरते हैं। पर यदि कोई व्यक्ति वाट्सएप, टेलीग्राम या मेल से एपीके फाइल डाउनलोड करता है, तो वह सीधे सिस्टम को अनुमति दे देता है कि कोई बाहरी प्रोग्राम इंस्टॉल हो जाए। ऐसी फाइलें मालवेयर (वायरस या जासूसी सॉफ्टवेयर) छिपा सकती हैं जो मोबाइल के कैमरे, माइक्रोफोन, बैंकिंग डेटा और मैसेज तक पहुंच बना लेती हैं। इसलिए यदि कोई एपीके फाइल भेजे तो उसे क्लिक करने की गलती बिल्कुल न करें। यदि आप किसी भी साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 डायल करें या भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल बलइमतबतपउम.हवअ.पद पर शिकायत दर्ज कराएं। साइबर अपराधी बिजली बिल, गैस कनेक्शन, ट्रैफिक चालान या केवाईसी अपडेट न होने का लोगों को डर दिखाते हैं। वाट्सएप, टेलीग्राम या एसएमएस के जरिए एक एपीके फाइल भेजते हैं और उसे डाउनलोड करने या इंस्टॉल करने का दबाव बनाते हैं। फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल का पूरा एक्सेस (स्क्रीन और ओटीपी सहित) जालसाजों के पास चला जाता है। इसके बाद वे मिनटों में आपके बैंक खाते साफ कर देते हैं।किसी भी अनजान नंबर या सोर्स से मिली एपीके फाइल को कभी डाउनलोड न करें। कोई भी एप हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर से ही डाउनलोड करें। अपने वाट्सएप में ऑटो-मीडिया डाउनलोड के विकल्प को डिसेबल रखें। गलती से एपीके फाइल डाउनलोड होने पर ये करें तुरंत अपने फोन का मोबाइल डेटा और वाइफाई बंद कर दें। फोन के तत्काल एयरप्लेन मोड पर डाल दें। संदिग्ध एप को फोन से तुरंत डिलीट (अनइंस्टॉल) कर दें। अपने बैंक से संपर्क करें और अपने खाते व यूपीआई को ब्लॉक या फ्रीज करवाएं।

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