
दैनिक भारती कोतमा। नगर के हृदय स्थल और बस स्टैंड के समीप स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की कोतमा शाखा इन दिनों आम जनता और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। जहां एक ओर जनता इस बैंक में अपने लाखों रुपये जमा कर भरोसा जता रही है, वहीं दूसरी ओर बैंक प्रबंधन की घोर लापरवाही के चलते ग्राहकों को अपनी गाड़ियों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। बैंक के पास अपनी कोई अधिकृत पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण रोजाना मुख्य मार्ग पर भारी यातायात जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
बस स्टैंड मार्ग पर लगता है घंटों जाम, आवागमन बाधित
SBI शाखा जिस मार्ग पर स्थित है, वह मुख्य रूप से बसों और भारी वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। निकट ही बस स्टैंड होने से दिनभर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। बैंक में पार्किंग की जगह न मिलने से ग्राहक अपनी मोटरसाइकिलें और चार पहिया गाड़ियां सड़क पर ही बेतरतीब ढंग से खड़ी करने को मजबूर हैं। पूरी सड़क पर छोटी-छोटी गाड़ियां घंटों खड़ी रहती हैं।
गाड़ी मालिकों के इंतजार में फंसती हैं बसें
सड़क पर वाहन खड़े होने से अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब कोई बस या बड़ा वाहन जाम में फंस जाता है। इसके बाद जब तक गाड़ी का मालिक बैंक के भीतर से घंटों बाद लौटकर वाहन नहीं हटाता, तब तक पूरा यातायात ठप रहता है। इससे रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या सुनाने पहुंचे ग्राहक, तो गायब मिले प्रबंधक
बैंक की इस अव्यवस्था और पार्किंग की कमी से परेशान जब ग्राहक अपनी शिकायत लेकर बैंक के भीतर जाते हैं, तो वहां भी निराशा ही हाथ लगती है। ग्राहकों का आरोप है कि बैंक मैनेजर अक्सर अपनी सीट से नदारद रहते हैं या छुट्टी का बहाना बना दिया जाता है। समस्याओं के समाधान के बजाय बैंक प्रबंधन की यह गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली अब लोगों के आक्रोश का कारण बन रही है।
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन व बैंक के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि SBI कोतमा शाखा में तुरंत पार्किंग की व्यवस्था कराई जाए और बैंक प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए ताकि सड़क पर लगने वाले इस रोज-रोज के जाम से मुक्ति मिल सके