बारिश ने खोली जैतपुर तहसील भवन की पोल, छत से टपक रहा पानी, बाल्टी-टब रखकर बचाई जा रही फाइलें, अभिलेखागार और जनगणना शाखा के रिकॉर्ड भी खतरे में

दैनिक भारती, शहडोल। जैतपुर तहसील कार्यालय में लगातार हो रही बारिश ने भवन की जर्जर स्थिति की पोल खोलकर रख दी है। तहसील कार्यालय की छत जगह-जगह से टपक रही है। हालात यह हैं कि कार्यालय के अंदर फर्श पर पानी जमा होने से बचाने के लिए कर्मचारियों को बाल्टी और टब रखने पड़ रहे हैं। टपकते पानी के बीच कर्मचारी कंप्यूटर, शासकीय फाइलें और रजिस्टर सुरक्षित रखते हुए काम करने को मजबूर हैं।

ऑफिस के बाद शासकीय आवासों में भी परेशानी

तहसील कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की परेशानी कार्यालय तक ही सीमित नहीं है। तहसील परिसर में बने शासकीय आवासों की स्थिति भी जर्जर बताई जा रही है। बारिश के दौरान आवासों की छत से पानी टपकने और कमरों में पानी भरने की शिकायत सामने आई है। कर्मचारियों के अनुसार, दीवारों में सीलन के साथ बिजली के करंट का खतरा भी बना रहता है। पानी भरने से घर में रखे कपड़े, अनाज और बच्चों की किताबों के खराब होने की स्थिति बन रही है। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कार्यालय में दिनभर पानी के बीच काम करने के बाद घर पहुंचने पर भी टपकती छत से राहत नहीं मिलती।

अभिलेखागार में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज खतरे में

सबसे गंभीर स्थिति तहसील के अभिलेखागार को लेकर बताई जा रही है। यहां क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से जुड़े जमीन संबंधी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से संबंधित पुराने दस्तावेज सुरक्षित रखे जाते हैं। बारिश के पानी के रिसाव से इन दस्तावेजों के खराब होने की आशंका बनी हुई है। कई कागजों में नमी आने और पन्नों के आपस में चिपकने की स्थिति बताई जा रही है। यदि महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेख क्षतिग्रस्त होते हैं तो भविष्य में भूमि संबंधी विवादों में आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जनगणना शाखा के रिकॉर्ड भी प्रभावित

तहसील की जनगणना शाखा में रखे शासकीय दस्तावेजों पर भी बारिश का असर पड़ने की बात सामने आई है। कर्मचारियों के अनुसार, नमी के कारण कुछ फाइलों के कागज फूल गए हैं और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ये दस्तावेज केवल कागज नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

तहसील में आने वाली जनता भी परेशान

जैतपुर तहसील में प्रतिदिन जैतपुर, बुढार, धनपुरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। कोई नामांतरण, कोई बंटवारा तो कोई जमीन के सीमांकन सहित अन्य कार्यों के लिए तहसील कार्यालय आता है।
कार्यालय की जर्जर स्थिति और बारिश के दौरान अंदर टपकते पानी को देखकर लोगों में भी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब जनता की समस्याओं का समाधान करने वाला कार्यालय ही बारिश के पानी से जूझ रहा हो तो आम लोगों की महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है।

बाल्टी-टब से पानी रोकना कितना कारगर?

कार्यालय में जगह-जगह बाल्टी और टब रखकर पानी रोकने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। लगातार पानी का रिसाव भवन, विद्युत व्यवस्था और शासकीय दस्तावेजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

तत्काल मरम्मत और अभिलेख सुरक्षित करने की मांग

तहसील कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से तहसील भवन का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही कार्यालय, अभिलेखागार और जनगणना शाखा की छत की मरम्मत एवं वाटर-प्रूफिंग कराने, जर्जर शासकीय आवासों का निरीक्षण कर उन्हें रहने योग्य बनाने तथा मरम्मत होने तक महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की मांग की गई है। अब देखना होगा कि बारिश के बीच पानी से जूझ रही जैतपुर तहसील की इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन कब तक ठोस कदम उठाता है।

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