
दैनिक भारती ब्यौहारी। शिक्षा को केवल पुस्तकों और कक्षा-कक्ष तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने की दिशा में विमला ग्लोबल स्कूल, ब्यौहारी ने एक सराहनीय पहल की है। विद्यालय द्वारा आयोजित शैक्षणिक भ्रमण-2026 के अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने प्रयागराज, अयोध्या धाम और मनगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया। यात्रा विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और यादगार अनुभव साबित हुई। भ्रमण का शुभारंभ ब्यौहारी से हुआ। प्रयागराज होते हुए विद्यार्थी अयोध्या धाम पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी में हनुमान जी के दर्शन किए। यात्रा के अगले पड़ाव में विद्यार्थियों ने मनगढ़ के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और विरासत को करीब से समझने का अवसर मिला। यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सम्पन्न हुई तथा सभी प्रतिभागी सकुशल वापस लौटे।
छोटे कस्बे के विद्यार्थियों को बड़े अवसर देने की पहल
विमला ग्लोबल स्कूल के चेयरमैन श्री वीरेश सिंह ‘रिंकू’ के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण के पीछे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की सोच प्रमुख रही। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के व्यावहारिक अनुभवों, सामाजिक परिवेश, सांस्कृतिक मूल्यों और ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित कराना भी है। इसी सोच के साथ विद्यालय ब्यौहारी जैसे छोटे कस्बे के विद्यार्थियों को भी बड़े शहरों के समकक्ष शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने, नए अनुभव प्राप्त करने और अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों के लिए भ्रमण पूरी तरह निःशुल्क
इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक भ्रमण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया। यह पहल विद्यार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ के बिना शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में विद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, जागरूकता और व्यावहारिक अनुभवों को भी समान महत्व दिया जाना आवश्यक है।
सेक्रेटरी एवं मैनेजर की देखरेख में हुआ आयोजन
शैक्षणिक भ्रमण में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ संबंधित शिक्षकगण, प्राचार्य एवं विद्यालय के सहयोगी कर्मचारी शामिल रहे। संपूर्ण यात्रा का व्यवस्थापन विद्यालय के सेक्रेटरी श्री प्रभात सिंह एवं मैनेजर श्री आलोक श्रीवास्तव की देखरेख में किया गया। भ्रमण की सफल समाप्ति पर विद्यालय परिवार ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।