
दैनिक भारती बुढ़ार। मानव कल्याण आश्रम (गीताधाम) कटकोना के कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त पर आध्यात्मिक कार्यक्रम के मध्य शुक्रवार को विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. धर्मेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपनी सम्पूर्ण शिक्षा संभागीय मुख्यालय में अर्जित की और वे पेन्चवेली शासकीय महाविद्यालय परासिया (छिंदवाड़ा), संजय गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीधी, शंभूनाथ स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय शहडोल, तथा पं. अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय जयसिंहनगर में अपनी शासकीय सेवायें दी और 43 वर्ष की सेवायें पूर्ण कर प्राचार्य पद से 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हुये, जिनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन हुआ। ग्राम-कटकोना (बुढ़ार) स्थित मानव कल्याण आश्रम (गीताधाम) के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी श्री सच्चिदानंद सरस्वती जी के परम शिष्य एवं आश्रम कटकोना के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी सदैव धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में अग्रणी रहे जिनके, सेवानिवृत्त उपरान्त विदाई सम्मान कार्यक्रम मानस मण्डली बरगवां (अमलाई) द्वारा मानस गान के गायकों द्वारा वाद्य यंत्रों के मध्य आध्यात्मिक वातावरण के मध्य आयोजित किया गया।सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी को शाल, श्रीफल, पुष्पहार तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर स्नेहियों ने विदाई अवसर पर सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. तीर्थ प्रसाद द्विवेदी ने कहाकि- डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी सहज एवं सरल व्यक्तित्व के सदैव धनी हैं, जिन्होंने शासकीय मिले दायित्व का निर्वहन करते हुये सेवानिवृत्त हुये, वे धार्मिक आयोजनों को सदैव प्रमुखता से सम्पन्न कराया। गीतानुरागी श्रीकान्त शर्मा ने कहाकि – धार्मिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी का उल्लेखनीय प्रयास रहा है और स्वामी जी के परम शिष्यों में रहे, वे सेवानिवृत्त उपरान्त स्वस्थ एवं सुखमय रहे यह कामना है। वरिष्ठ पत्रकार मोहन नामदेव ने कहाकि – मानव कल्याण आश्रम के परम पूज्य स्वामी जी के परम शिष्यों में डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी जी रहे, जिन्होंने राधा-कृष्ण मन्दिर गीताधाम में अपना अनुपमेय उदाहरण देते हुये महाविद्यालय के प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुये, जो सेवानिवृत्त उपरान्त धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में पूर्ववत तत्पर रहें ऐसी कामनायें हैं। डॉ. धर्मेन्द्र द्विवेदी ने सेवानिवृत्त सम्मान अवसर पर कहाकि – परमपूज्य स्वामी सच्चिदानंद जी का अपार स्नेह व आशीर्वाद रहा और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर स्नेहियों ने विदाई सम्मान कार्यक्रम आयोजित कर मुझे भरपूर स्नेह व आशीर्वाद दिया जिसे मैं कभी विस्मरण नहीं कर सकूँगा। शारदा प्रसाद द्विवेदी ने विदाई अवसर पर स्वरचित गीत प्रस्तुत किया, वहीं जैतपुर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विकास खरे ने विदाई सम्मान कार्यक्रम को सम्बोधित किये। कार्यक्रम अवसर पर सेवानिवृत्त कुलगुरु डॉ. मुकेश तिवारी, डॉ. भरत शरण सिंह, डॉ. एन.के. श्रीवास्तव, शिक्षक विश्वनाथ त्रिपाठी, ललित नारायण, विजय शुक्ला, डॉ. राजीव श्रीवास्तव, अशोक पाण्डेय, रामदीन शर्मा, चन्द्रिका शर्मा, गजेन्द्र द्विवेदी, रामनारायण शर्मा, दामोदर शर्मा, श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव, वैदेही तिवारी, अरुण उपाध्याय, नीलेश गौतम, रामसिंह, राकेश द्विवेदी, प्रवीण गौतम की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
