
दैनिक भारती अनूपपुर। जिला आदिवासी कांग्रेस, जिला अनूपपुर द्वारा जनजाति कार्य विभाग के अधीन संचालित विद्यालयों का स्कूल शिक्षा विभाग में प्रस्तावित विलय किए जाने के निर्णय का कड़ा विरोध करते हुए अध्यक्ष, मध्यप्रदेश जनजातीय आयोग रामलाल रौतेल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से जिला आदिवासी कांग्रेस ने कहा कि जनजाति कार्य विभाग के विद्यालय केवल शिक्षण संस्थान नहीं हैं,बल्कि आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा,संस्कृति,भाषा,परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।इन विद्यालयों का प्रस्तावित विलय जनजातीय समाज के हितों के विपरीत है और इससे आदिवासी क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को मिलने वाली विशेष सुविधाएँ प्रभावित हो सकती हैं। जिला अध्यक्ष आशुतोष सिंह मार्को ने आयोग से आग्रह किया कि वह इस प्रस्तावित विलय को निरस्त कराने के लिए राज्य शासन को प्रभावी अनुशंसा करे तथा जनजाति कार्य विभाग के विद्यालयों को पूर्ववत उसी विभाग के अधीन संचालित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। आदिवासी समाज की शिक्षा और अधिकारों से जुड़े किसी भी विषय पर संगठन हमेशा मजबूती से आवाज उठाता रहेगा।यदि जनजातीय हितों की अनदेखी की गई, तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस आशुतोष सिंह मार्को,जनपद अध्यक्ष जैतहरी राजीव सिंह,जिला महामंत्री सतेन्द्र स्वरूप दुबे, आदिवासी कांग्रेस सुनील इक्का,जितेंद्र खांडे,पंकज आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।