
उन्नत कृषि महोत्सव-2026 में एकीकृत कृषि प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर आईसीएआर ने की सराहना
जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जनेकृविवि), जबलपुर के लिए गौरव का विषय है कि विश्वविद्यालय की एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) टीम को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान एवं सराहनीय कार्यों के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। यह सम्मान टीम को रायसेन, मध्यप्रदेश में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव-2026 के दौरान एकीकृत कृषि प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती की जीवंत प्रदर्शन इकाइयों के विकास में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला है।
उन्नत कृषि महोत्सव में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव-2026 में प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जनेकृविवि के सस्य विज्ञान विभाग, कृषि महाविद्यालय, जबलपुर द्वारा एकीकृत कृषि प्रणाली तथा प्राकृतिक खेती से संबंधित जीवंत प्रदर्शन इकाइयों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। विश्वविद्यालय की टीम के समर्पित प्रयासों और उत्कृष्ट सहयोग की सराहना करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली की ओर से प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
आईसीएआर के उप महानिदेशक ने की सराहना
यह प्रशंसा प्रमाण-पत्र डॉ. राजबीर सिंह, उप महानिदेशक (कृषि विस्तार), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा प्रेषित किया गया। प्रमाण-पत्र के माध्यम से आईएफएस टीम के एकीकृत कृषि प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को सराहा गया।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने किया सम्मान
स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईसीएआर की ओर से प्राप्त प्रशंसा प्रमाण-पत्र आईएफएस टीम के सदस्यों को प्रदान किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में टीम को यह सम्मान मिला।
इन विशेषज्ञों को मिला सम्मान
प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वालों में एकीकृत समन्वित प्रणाली की प्रमुख एवं चीफ एग्रोनॉमिस्ट डॉ. नम्रता जैन, डॉ. विकास गुप्ता, प्रमुख प्राकृतिक खेती परियोजना तथा राकेश मोबिया, सस्य विज्ञान विभाग, कृषि महाविद्यालय, जनेकृविवि जबलपुर शामिल रहे।
प्राकृतिक खेती और एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में उपलब्धि
यह उपलब्धि केवल विश्वविद्यालय के लिए सम्मान की बात नहीं है, बल्कि प्राकृतिक खेती एवं एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी है। ऐसी प्रदर्शन इकाइयों के माध्यम से किसानों को खेती की आधुनिक एवं टिकाऊ पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
विश्वविद्यालय परिवार ने दी बधाई
आईएफएस टीम की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से टीम के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर टीम के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी कृषि क्षेत्र में नवाचार, प्राकृतिक खेती और किसानों के हित में इसी समर्पण के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की गई। जनेकृविवि की आईएफएस टीम को मिला यह सम्मान विश्वविद्यालय की कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं किसान हितैषी गतिविधियों में निरंतर योगदान का गौरवपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।