
दैनिक भारती धनपुरी। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय कार्यशाला में पदस्थ मुख्य प्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिकी डॉ. मोहम्मद अहतेशाम हुसैन सिद्दीकी को उनके अभिनव तकनीकी शोध कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। यह उल्लेखनीय उपलब्धि न केवल सोहागपुर क्षेत्र बल्कि संपूर्ण एसईसीएल एवं कोयला उद्योग के लिए गौरव का विषय है। डॉ. सिद्दीकी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स , धनबाद आईआईटी आईएसएम धनबाद से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उनके शोध कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देते हुए ए मेथड फॉर मॉडीफीइंग यूनिवर्सल ड्रिलिंग मशीन , इंटेग्रटिंग वेट ड्रिलिंग एंड रेसिन बोल्टिंग शीर्षक आविष्कार पर भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा पेटेंट प्रदान किया गया है। यह पेटेंट 2 जुलाई को प्रदान किया गया। डॉ सिद्दीकी द्वारा विकसित अभिनव तकनीक भूमिगत कोयला खदानों में प्रयुक्त यूनिवर्सल ड्रिलिंग मशीन यूडीएममें सुधार कर वेट ड्रिलिंग तथा रेजिन बोल्टिंग जैसी दो महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को एकीकृत करने पर आधारित है। इस तकनीक से भूमिगत खनन कार्यों में सुरक्षा, कार्य कुशलता, उत्पादकता तथा समय की बचत सुनिश्चित होगी। साथ ही मशीन में आवश्यक तकनीकी संशोधन कर कार्य को अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है। डॉ. सिद्दीकी लंबे समय से खनन मशीनों की विश्वसनीयता, हाइड्रोलिक प्रणालियों, ऊर्जा दक्षता तथा मशीनों के तकनीकी उन्नयन के क्षेत्र में शोधरत हैं। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में अनेक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा खनन उद्योग की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु कई नवाचार किए हैं। डॉ. मोहम्मद अहतेशाम हुसैन सिद्दीकी की इस उपलब्धि पर एसईसीएल के अधिकारियों, सहकर्मियों एवं मित्रो, शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें इस सफलता के लिए बधाई दी।