
दैनिक भारती धनपुरी। कोल इंडिया में लंबित मांगों को लेकर आज 1 जुलाई को आयोजित होने वाले मांग दिवस सह आंदोलन को सफल बनाने के लिए संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) ने पूरी ताकत झोंक दी है। आंदोलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से सोहागपुर क्षेत्र में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के नेताओं ने श्रमिकों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि यदि श्रमिकों की वर्षों पुरानी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए एटक के वरिष्ठ नेता का. रावेन्द्र शुक्ला ने कहा कि जेबीसीसीआई-12 का तत्काल गठन, समयबद्ध वेतन समझौता, श्रमिकों की लंबित मांगों का निराकरण तथा श्रमिक हितों की रक्षा अब टाली नहीं जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन लगातार श्रमिकों के हितों की उपेक्षा कर रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।

उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष ही आज एकमात्र विकल्प है। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि आज आयोजित मांग दिवस सह आंदोलन को प्रत्येक खदान, परियोजना, कार्यालय और कार्यस्थल पर प्रभावी ढंग से आयोजित किया जाए तथा अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक के बाद का. रावेन्द्र शुक्ला एवं राजेश चंद शर्मा ने सोहागपुर एरिया की ओपनकास्ट, व भूमिगत माइंसो का निरीक्षण किया। उन्होंने कंपनी कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग श्रमिकों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उत्पादन व्यवस्था, ब्लास्टिंग प्रणाली, मानसून की तैयारियों और लगभग दो लाख टन कोयला स्टॉक के सुरक्षित रखरखाव का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्रमिक कॉलोनियों में चल रहे वेलफेयर कार्यों की धीमी प्रगति और मूलभूत सुविधाओं की कमी पर असंतोष व्यक्त करते हुए नेताओं ने प्रबंधन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की। खदान की सुरक्षा, उत्पादन, श्रमिक सुविधाओं, आवासीय कॉलोनियों की समस्याओं और कल्याणकारी कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि आज 1 जुलाई को आयोजित मांग दिवस सह आंदोलन को पूरी एकजुटता और व्यापक भागीदारी के साथ सफल बनाया जाएगा।