
दैनिक भारती कोतमा। जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन दिवस पर नगर परिषद डोला के वार्ड क्र 07 स्थित अमृत तालाब में विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सफाई मित्रों ने सामूहिक रूप से श्रमदान कर तालाब की व्यापक सफाई की तथा जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश दिया। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, पुनर्जीवन, स्वच्छता एवं जनसहभागिता के माध्यम से जल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी क्रम में नगर परिषद डोला द्वारा अभियान की अवधि में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। समापन दिवस पर अमृत तालाब की विशेष सफाई कर तालाब के आसपास फैली गंदगी, झाड़-झंखाड़ एवं अपशिष्ट सामग्री को हटाया गया, जिससे तालाब की स्वच्छता एवं सौंदर्य में वृद्धि हुई। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि तालाब, कुएं, नदी एवं अन्य जल स्रोत हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है। यदि हम सभी मिलकर अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का संकल्प लें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अभियान के दौरान सफाई मित्रों ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता निभाई और तालाब क्षेत्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, सभी उपस्थित जनों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए नागरिकों से भी अपील की कि वे जल स्रोतों में कचरा न डालें, जल का अनावश्यक उपयोग न करें तथा वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। नगर परिषद डोला द्वारा आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का यह समापन कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी एवं जनभागीदारी का सशक्त संदेश है। अमृत तालाब की विशेष सफाई के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जल है तो कल है, और जल स्रोतों का संरक्षण ही सतत विकास तथा समृद्ध भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम में नगरपरिषद डोला के अध्यक्ष रीनू सुरेश कोल तथा उपाध्यक्ष रविशंकर तिवारी कमलेश त्रिपाठी विजय जायसवाल, नगर पालिका के कर्मचारी, जनप्रतिनित उपस्थित रहे ।