70वीं शालेय संभाग स्तरीय चयन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, राज्य स्तर के लिए चयनित प्रतिभाएं भरेंगी हुंकार


दैनिक भारती। शहडोल में दो दिवसीय खेल आयोजन का भव्य शुभारंभ, फुटबॉल, शतरंज और बॉक्सिंग में उमड़ी खेल प्रतिभाएं। शिक्षा विभाग के तत्वावधान में शहडोल में आयोजित 70वीं शालेय संभाग स्तरीय चयन प्रतियोगिता में संभाग के तीन जिलों की खेल प्रतिभाओं ने अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। 21 एवं 22 अगस्त को रेलवे सामुदायिक भवन, शहडोल में आयोजित इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल विधाओं में हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिताओं के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ी अब मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय स्पर्धाओं में शहडोल संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे।

फुटबॉल, शतरंज और बॉक्सिंग में हुआ मुकाबला

संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में तीन प्रमुख खेल विधाओं को शामिल किया गया। इनमें फुटबॉल में 14 एवं 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका, शतरंज में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका तथा बॉक्सिंग में 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मैदान से लेकर शतरंज की बिसात और बॉक्सिंग रिंग तक खिलाड़ियों में बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह दिखाई दिया।   प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

खिलाड़ियों से परिचय लेकर हुआ प्रतियोगिता का शुभारंभ

प्रतियोगिता का शुभारंभ अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया गया। इसके साथ ही शतरंज की चाल चलकर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई।
अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण जरिया है। खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

संभाग के अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण मौजूदगी

कार्यक्रम में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण शहडोल संभाग उमेश कुमार धुर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चौधरी, सहायक संचालक आकांक्षा सोनी, आर.के. मंगलानी, सहायक संचालक खेल रईस अहमद, जिला खेल अधिकारी सुदर्शन मिश्रा, आईटी सेल प्रभारी मो. अमजद, लोकेश प्रताप सिंह एवं जिला खेल अधिकारी रामरूद्र पटेल सहित अन्य अधिकारी एवं खेल से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रतियोगिता की संयोजक प्रभा कुशवाहा, प्राचार्य रेलवे स्कूल शहडोल रहीं। उनके निर्देशन में आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया।

तीनों खेल संघों ने संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

प्रतियोगिता के संचालन में संबंधित खेल संघों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला फुटबॉल संघ के रईस अहमद, जिला शतरंज संघ के मनीष सोनी तथा जिला बॉक्सिंग संघ के अंशुमान सिंह ने प्रतियोगिता से संबंधित व्यवस्थाओं में सहभागिता की।
खेल संघों के सहयोग से खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन और बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

निष्पक्ष चयन के लिए बनाई गई चयन समिति

प्रतियोगिता से राज्य स्तरीय टीमों के लिए खिलाड़ियों का चयन निष्पक्ष एवं निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया। चयन प्रक्रिया में लक्ष्मण सोनी, राजेश कुमार वर्मा, रहीम खान, मुकेश झरिया, संजय नामदेव, नमन श्रीवास्तव, फरियाद मोहम्मद, सीताराम सहिस, नरेश कुंडे, इंद्रजीत, धनीराम, शिवानी नामदेव, नमिता यादव एवं अमृतांजलि पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चयन समिति के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, खेल कौशल एवं निर्धारित आयु वर्ग के अनुसार प्रतिभाओं का चयन किया गया।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगे खिलाड़ी

संभाग स्तरीय प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ी अब प्रदेश के विभिन्न जिलों में होने वाली राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।
फुटबॉल 14 वर्ष आयु वर्ग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता छतरपुर, जबकि फुटबॉल 17 वर्ष की प्रतियोगिता शाजापुर में आयोजित होगी। इसी तरह बॉक्सिंग के 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता भोपाल तथा शतरंज के 14, 17 एवं 19 वर्ष आयु वर्ग की प्रतियोगिता सीहोर में आयोजित की जाएगी।

राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

शहडोल संभाग स्तरीय चयन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने खेल प्रेमियों और आयोजकों में उत्साह पैदा किया है। चयनित खिलाड़ियों से अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर शहडोल संभाग का नाम रोशन करने की उम्मीद है।
आयोजकों ने चयनित खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संभाग में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास का अवसर देने की।

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