
दैनिक भारती अनूपपुर। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर माया विश्वलाल के मार्गदर्शन में शुक्रवार को ममता बालगृह अनूपपुर में एक विशेष निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालगृह में रह रहे बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। निरीक्षण के दौरान तृतीय जिला न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश विधि डागलिया तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश रावेंद्र कुमार सोनी ने संयुक्त रूप से बालगृह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों के आवास,भोजन की गुणवत्ता,शिक्षा,स्वास्थ्य तथा सुरक्षा से जुड़ी अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया।उन्होंने बालगृह प्रबंधन को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और सभी बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के सख्त निर्देश दिए,ताकि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा सके। शिविर के दौरान आयोजित विधिक साक्षरता कार्यक्रम में बच्चों को अत्यंत सरल और व्यावहारिक भाषा में उनके संवैधानिक अधिकारों,शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी गई।इसके साथ ही,आज के डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय श्साइबर सुरक्षाश् पर भी मार्गदर्शन दिया गया। न्यायाधीशों ने बच्चों को आश्वस्त किया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति या संकट के समय वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में बालगृह के अधीक्षक,समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।उपस्थित अधिकारियों ने बालगृह के कर्मचारियों को बच्चों के प्रति अत्यंत संवेदनशील और सहयोगात्मक रवैया अपनाने के निर्देश दिए।