
दैनिक भारती अनूपपुर। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब के निर्देशानुसार जिले में सुरक्षित स्कूल बस अभियान 3.0 के अंतर्गत स्कूली वाहनों की सघन जांच प्रारंभ कर दी गई है।अभियान का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित एवं संरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना तथा स्कूल वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराना है। अभियान के प्रथम दिवस में कोतमा स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल की 8 स्कूल बसों का गहन निरीक्षण किया गया।जांच के दौरान कुछ वाहनों में फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता समाप्त होना,फर्स्ट एड बॉक्स का निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध न होना तथा अन्य सुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर 5 स्कूल बसों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की गई तथा संबंधित प्रबंधन को कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सभी बस चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई,जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी चालक शराब के प्रभाव में वाहन संचालित न कर रहा हो।साथ ही चालक एवं परिचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की समझाइश भी दी गई। यातायात पुलिस द्वारा बसों की जांच के साथ-साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा,यातायात नियमों,सीट बेल्ट एवं सुरक्षित यात्रा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।इसके अतिरिक्त सेफ क्लीक साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी,फिशिंग लिंक,फर्जी कॉल,ओटीपी धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई,ताकि वे छात्र जीवन से ही साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रह सकें। अनूपपुर यातायात पुलिस द्वारा बच्चों के हंसते हुए चेहरों के लिए सुरक्षित सफर की थीम पर यह 10 दिवसीय विशेष अभियान पूरे जिले के सभी स्कूलों में संचालित किया जाएगा।अभियान के दौरान स्कूल बसों की नियमित जांच,चालकों की स्वास्थ्य एवं ब्रीथ एनालाइजर जांच,सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण तथा विद्यार्थियों के लिए सड़क एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अनूपपुर यातायात पुलिस ने सभी स्कूल वाहन मालिकों को पूर्व में आयोजित मीटिंग में निर्देशित किया था कि वे अपने वाहनों में निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें,जिससे जिले के प्रत्येक विद्यार्थी की यात्रा सुरक्षित एवं निर्बाध हो सके।