
दैनिक भारती उमरिया। ग्राम पंचायतों में मनमानी पूर्ण निर्माण कार्य और खरीदी के नाम पर जमकर वित्तीय अनियमितताओं की बातें हर दिन उजागर हो रही है। जिले के करकेली जनपद पंचायत के जरहा ग्राम पंचायत में पांचवे राज्य वित्त से मोबाइल का क्रय किया गया है। मालूम होवे की मध्यप्रदेश शासन के व्दारा पांचवे राज्य वित्त की राशि कुछ अहम मरम्मत कार्यों और आवश्यक खरीदी के लिए प्रदत्त की जाती है, ताकि पंचायतों में सुचारू रूप से कार्य चलता रहे, और नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से दो -चार न होना पडे, लेकिन इस मद से जरहा ग्राम पंचायत में मोबाइल फोन की खरीदी कर शासकीय धन राशि का दुरूपयोग किया गया है। मालूम होवे की मोबाइल खरीदी पर शासन व्दारा रोक लगाई गई है, अगर मोबाइल की खरीदी करना जरूरी है तो इस पर जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी से वैधानिक अनुमति के बाद ही खरीदी की जा सकती है।जरहा ग्राम पंचायत की खरीदी से जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में 5वें वित्त की राशि के उपयोग को लेकर तीखे सवाल उठ रहे । शासकीय अभिलेखों के अनुसार ग्राम पंचायत जरहा में पांचवें वित्त आयोग की राशि से 19,500 का मोबाइल फोन का बिल लगाकर भुगतान दर्ज किया गया है। मोबाइल का देयक भारत मोबाइल संजय मार्केट उमरिया के नाम से है 19,500 का भुगतान 31 दिसंबर 2025 को किया गया है। जरहा ग्राम पंचायत में हुई इस नियम विरूद्ध खरीदी ने बडे सवाल खड़े कर दिये है कि क्या मोबाइल खरीदी निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप की गयी है ? मालूम होवे की जरहा ग्राम पंचायत में इन दिनों उजान ग्राम पंचायत में भष्ट्राचार का कीर्तिमान स्थापित करने वाले सचिव की पद स्थापना की गयी है, जब से जरहा में पदस्थ हुए है, यहाँ का विकास भी जर रहा है। जरहा ग्राम पंचायत के नागरिकों ने नियम विरूद्ध की गयी इस खरीदी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब से यह सचिव आये है, तब से नियम विरूद्ध खरीदी की जा रही है। लोगों ने ग्राम पंचायत की उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर आरोपों की विधि वत जांच करवाने क मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सकें।