
दैनिक भारती उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ग्राम गुरवाही में रविवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर ग्रामीणों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहयोग से 40 वर्ष पुराने मित्रों के समूह ‘रघुराज-वन 1992’ द्वारा किया गया। यह समहू बांधवगढ़ में मित्र मिलन के लिए पहुंचा था। समूह के सदस्य 22 अगस्त की शाम बांधवगढ़ में मित्र मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए और अगले दिन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर वन्यजीवों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व का संदेश दिया।
सावधानी पर रहा जोर
कार्यक्रम में ग्रामीणों को जंगल और वन्यजीवों के नजदीक जाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि मानव और वन्यजीव दोनों के अस्तित्व के लिए आपसी समझ और जागरूकता जरूरी है। ग्रामीणों से वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी वन अमले तक पहुंचाने की अपील की गई।

इन्होंने रखी बात
कार्यक्रम को मनोज गुप्ता, देवेन्द्र दुबे डीएसपी एवं संसदीय समिति के एडिशनल सचिव, आशुतोष पाण्डेय डीजीएम एसईसीएल बिजुरी, संतोष लोहानी और नवीन सिंह जीएसटी कमिश्नर ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अनिल द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर शैलेंद्र सिंह परिहार, संजय कुमार शर्मा, जितेन्द्र कुंदनानी, नितिन बड़ेरिया, मृगेंद्र द्विवेदी, डॉ. संजय श्रीवास्तव, उपेंद्र कुमार मिश्रा, राजा गुप्ता, अरविंद पाण्डेय, संजय तिवारी, सुभाष तिवारी, देवेंद्र गुप्ता, उमेश पयासी, आशुतोष देवहरे, विनोद शर्मा, गिरजा शंकर तिवारी, सुशील द्विवेदी, नेमीचन्द, रामाश्रय पटेल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा वन विभाग से रेंजर अंकित सोनी सहित वन विभाग के कई कर्मचारी भी मौजूद रहे। ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों और वन विभाग के बीच संवाद मजबूत करना तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को जागरूकता के माध्यम से कम करना है।