
बिलासपुर, कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में कार्यरत माइनिंग सुपरवाइजरों को एक घंटे का चार्ज अलाउंस दिए जाने की मांग को लेकर कोयला श्रमिक संघ (सीटू) ने प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ के महासचिव वी.एम. मनोहर ने 19 अगस्त 2026 को एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एवं निदेशक (मानव संसाधन) को पत्र भेजकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। संघ ने पत्र में कहा है कि एसईसीएल की सभी उत्पादन खदानों एवं इकाइयों में कार्यरत माइनिंग सुपरवाइजर उत्पादन के साथ-साथ खदानों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें एक घंटे के चार्ज अलाउंस का लाभ नहीं दिया जा रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) सहित कोल इंडिया की अन्य अनुषंगी कंपनियों में माइनिंग सुपरवाइजरों को एक घंटे का चार्ज अलाउंस देने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में एसईसीएल के माइनिंग सुपरवाइजरों को इस लाभ से वंचित रखना उचित नहीं है। सीटू का कहना है कि अतिरिक्त एक घंटे का चार्ज अलाउंस मिलने से माइनिंग सुपरवाइजरों द्वारा सुरक्षा निरीक्षण, निगरानी एवं कार्य संचालन को और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ सुरक्षित उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी। संघ ने यह भी बताया कि इस विषय को पूर्व में स्टीयरिंग कमेटी एवं एसईसीएल की औद्योगिक संबंध (आईआर) बैठक में उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। संगठन ने कोल इंडिया लिमिटेड से इस मामले में स्पष्टीकरण लेकर सभी अनुषंगी कंपनियों में एक समान नीति लागू करने की मांग की है। सीटू महासचिव वी.एम. मनोहर ने कहा कि अलग-अलग कंपनियों में भत्तों को लेकर असमानता के कारण माइनिंग सुपरवाइजरों में असंतोष बढ़ रहा है। कोल इंडिया की सभी कंपनियों में समान नीति लागू कर एसईसीएल के माइनिंग सुपरवाइजरों को भी एक घंटे का चार्ज अलाउंस प्रदान किया जाना चाहिए।