
दैनिक भारती शहडोल। सोहागपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में मवेशियों को ले जाने के मामले का खुलासा किया है। जमुआ गांव के समीप जंगल क्षेत्र में पुलिस ने 79 मवेशियों को बरामद करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मवेशियों को ले जाने के पीछे की मंशा की जानकारी जुटा रही है।
मुखबिर की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
पुलिस को सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में मवेशियों को रस्सियों के सहारे जंगल के रास्ते एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए सोहागपुर थाना पुलिस ने टीम गठित कर संभावित मार्ग पर निगरानी शुरू की।
इसी दौरान जमुआ गांव के आसपास पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखकर मवेशियों को ले जा रहे लोगों ने मौके से निकलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
79 मवेशियों को कराया गया सुरक्षित
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 79 मवेशियों को अपने कब्जे में लिया। पूछताछ में सामने आया कि मवेशियों को बुढार क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से एकत्र कर जंगल के रास्ते पैदल डिंडोरी की ओर ले जाया जा रहा था।
वाहन के बजाय मवेशियों को पैदल ले जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनूपपुर जिले के करण पठार क्षेत्र निवासी छोटू यादव और अशोक सिंह गोंड के रूप में हुई है। दोनों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कहां ले जाए जा रहे थे मवेशी, जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मवेशियों को बुढार के बिरहुली क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से एकत्रित किया गया था। इसके बाद उन्हें जंगल के रास्ते डिंडोरी की दिशा में ले जाया जा रहा था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को अंतिम रूप से कहां पहुंचाया जाना था और इस पूरी गतिविधि में आरोपियों के अलावा अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मवेशियों को किसान की निगरानी में सौंपा
कार्रवाई के बाद बरामद सभी 79 मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की गई। पुलिस ने मवेशियों की देखभाल के लिए उन्हें एक किसान की सुपुर्दगी में सौंपा है।
तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य फोकस मवेशियों के स्रोत, उन्हें ले जाने वाले लोगों तथा संभावित खरीदार या अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाने पर है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पशुओं के अवैध परिवहन और तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।