
दैनिक भारती शहडोल। जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभाग द्वारा मत्स्य बीज उत्पादन, वितरण एवं मत्स्य पालन से जुड़े हितग्राहियों को आवश्यक तकनीकी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। मत्स्य बीज प्रक्षेत्र शहडोल के माध्यम से जिले में मत्स्य बीज उत्पादन एवं वितरण की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा मत्स्य पालन से जुड़े किसानों एवं हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा मत्स्य बीज प्रक्षेत्र शहडोल में लगभग 130 करोड़ मत्स्य बीज उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इनमें मृगल, रोहू एवं कतला जैसी प्रमुख मत्स्य प्रजातियां शामिल हैं। उपलब्ध मत्स्य बीज का उपयोग मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले में मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। मत्स्य पालन से जुड़े किसानों एवं हितग्राहियों को आवश्यक तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। सहायक संचालक मत्स्य मीना कोकट ने बताया कि अल्प वर्षा के कारण सेड लगाकर 60 लाख स्पान का उत्पादन किया गया है। लक्ष्य पूर्ति हेतु 11 अगस्त को पुनः शेड लगाया गया है। शहडोल के ग्राम सिमरिया में मत्स्य बीज प्रक्षेत्र संवर्धन पोखर 02 हेक्टेयर है। जिसमें मत्स्य बीज तैयार कर विक्रय किया जाता है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मछुआ सहकारी समितियों, समूहों तथा पट्टाधारक मत्स्यपालकों से आग्रह किया गया है कि मत्स्य प्रक्षेत्र सिमरिया से 15 दिन बाद शासकीय दर पर उच्च क्वालिटी की रोहू, कतला एवं मृगल के स्पान का वितरण किया जाएगा। जिसका मत्स्यपालक लाभ उठाएं।