
शहडोल। एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार 10 अगस्त को संयुक्त श्रम संघ के बैनर तले महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता रावेन्द्र शुक्ला ने की। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन, एटक यूनियन सीटू, इंटक, एच.एम. ट्रेड यूनियन, यूनियन्स से संबद्ध चारों राष्ट्रीय कोयला महासंघों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
हजारों कर्मचारियों की मौजूदगी
धरना में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सोहागपुर क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं से हजारों की संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम में रावेन्द्र शुक्ला, राजेश चंद्र शर्मा, बिनोद राय, अरुण गौतम, अमरजीत सिंह, राकेश पांडेय, कमलेश्वर सिंह, चंद्रिका तिवारी, संजय सिंह, अंशुमान, बी.सी.एच., इरशाद खान, आफताब आलम, राकेश कुमार गुप्ता, अशरफ अली, मुकेश राय, सफीक खान, अरुण शुक्ला, अजय तिवारी, पवन वर्मा, जितेंद्र रावत, विकास शुक्ला, मनोज गर्ग, रंजीत सिंह, के. पी.गुप्ता, के. डी. पाण्डेय, ओमप्रकाश, सुरेश सोनी, दिवाकर नाथ चौबे, बैजनाथ प्रजापति, उमेश दाहिया, मोहम्मद आलम, रन्नू पनिका, दादा भारत सिंह, सुखलाल पटेल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच पर उपस्थित रहे।
बारहवां वेतन समझौता अभी तक लंबित
अध्यक्षता करते हुए रावेन्द्र शुक्ला ने कहा कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड एसईसीएल सहित कोल इंडिया की सभी सहायक कंपनियों में कार्यरत लाखों गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए बारहवां राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 01 जुलाई 2026 से लागू होना था, लेकिन आज तक वार्ता समिति का गठन नहीं किया गया है। समिति के गठन में हो रहे विलंब से कर्मचारियों में व्यापक असंतोष है। उन्होंने कहा कि ग्यारहवें समझौते में स्वीकृत कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी आज तक लागू नहीं किए गए हैं। वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों के कारण कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
केंद्र सरकार से 2 प्रमुख मांगें
धरना के पश्चात केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री के नाम महाप्रबंधक सोहागपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली मांग में कोल इंडिया और सहायक कंपनियों में गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए बारहवें वेतन समझौते हेतु वार्ता समिति का तत्काल गठन और निश्चित समय सीमा में समझौता करने की मांग की गई। वही दूसरी मांग में ग्यारहवें समझौते में स्वीकृत मुद्दों को शीघ्र लागू करने की बात कही गई। संघ ने कहा कि औद्योगिक शांति बनाए रखने, कोयला उत्पादन निर्विघ्न जारी रखने और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार और प्रबंधन को तत्काल पहल करनी होगी। ज्ञापन पर एटक, सीटू, इंटक, एच.एम.एस. और क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। प्रतिलिपि कोल इंडिया के अध्यक्ष निदेशक कार्मिक और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड बिलासपुर के केंद्रीय पदाधिकारियों को भी भेजी गई।
संयुक्त श्रम संघ ने दी चेतावनी
कहा की यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे कोल इंडिया स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और सरकार की होगी।