
दैनिक भारती उमरिया। कहते हैं कि मानवता का सबसे बड़ा परिचय संकट की घड़ी में किसी जरूरतमंद के साथ खड़े होने से मिलता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण पाली स्टेशन रोड पर देखने को मिला, जहाँ एक सीआईएसएफ के सहायक उप निरीक्षक गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़े मिले। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जवान के चेहरे, सिर एवं हाथ में गंभीर चोटें थीं तथा सिर से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। घायल जवान की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी और तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे युवा टीम उमरिया के संस्थापक एवं समाजसेवी हिमांशु तिवारी की नजर घायल जवान पर पड़ी। उन्होंने ऑटो की व्यवस्था कर घायल जवान को तत्काल शासकीय अस्पताल, पाली पहुँचाया। अस्पताल पहुँचने के बाद उन्होंने चिकित्सकों से तत्काल उपचार शुरू कराने का आग्रह किया, जिससे घायल जवान को समय रहते प्राथमिक चिकित्सा मिल हिमांशु तिवारी ने घटना की सूचना तत्काल पाली थाना पुलिस को दी, ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई समय पर की जा सके। हिमांशु तिवारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जीवन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। यदि हम समय पर किसी जरूरतमंद की सहायता कर सकें, तो यही सबसे बड़ा मानव धर्म और सामाजिक उत्तरदायित्व है।