
बिलासपुर। श्रमिक संघ (यूनियन) सदस्यता शुल्क की कटौती को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह प्रक्रिया वेतन संहिता, 2019 की धारा 18(2)(क) के अंतर्गत संचालित श्रमिक संघों एटक, सीटू, इंटक, बी. एम.एस., एच.एम.एस., पर लागू होगी। जारी निर्देशों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक संबंधित यूनियनों द्वारा प्रस्तुत यूनियन सब्सक्रिप्शन ऑथराइजेशन फॉर्म ही सदस्यता शुल्क कटौती के लिए मान्य होंगे। प्रबंधन प्राप्त अभिलेखों के आधार पर एकल एवं बहु-यूनियन सदस्यता वाले कर्मचारियों की अलग-अलग सूची तैयार करेगा। इन सूचियों को संबंधित इकाई सूचना-पटल पर प्रदर्शित किया जाएगा तथा 20 अगस्त 2026 तक संबंधित यूनियनों के अध्यक्ष एवं सचिव को उपलब्ध कराया जाएगा। निर्देशों के अनुसार सत्यापन का कार्य दो सदस्यीय समिति करेगी, जिसमें एक एचआर कार्यपालक और एक खनन कार्यपालक शामिल होंगे। सत्यापन प्रक्रिया 1 सितंबर से 25 सितंबर 2026 के बीच पूरी की जाएगी। अवकाश या बीमारी के कारण अनुपस्थित कर्मचारियों के लिए एक सप्ताह बाद अतिरिक्त सत्यापन दिवस भी निर्धारित किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत एक से अधिक यूनियनों के सदस्य कर्मचारियों को अपनी पसंद की केवल एक यूनियन का चयन करना होगा, जिसके पक्ष में सदस्यता शुल्क की कटौती की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी एकल यूनियन सदस्यता होने के बावजूद सत्यापन में उपस्थित नहीं होता है, तो उसी यूनियन के पक्ष में शुल्क कटेगा। वहीं, यदि कर्मचारी अपने नाम से प्रस्तुत प्राधिकरण पर विवाद करता है अथवा बहु-यूनियन सदस्यता के बावजूद चेक-ऑफ प्रणाली के अंतर्गत किसी भी यूनियन का सदस्य नहीं होने का शपथपत्र देता है, तो उसके वेतन से कोई सदस्यता शुल्क नहीं काटा जाएगा।