
दैनिक भारती शहडोल। जिले में कृषि एवं आजीविका संवर्धन के तहत किसानों को लाभकारी फसल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में आजीविका हल्दी प्रसंस्करण इकाई, सरहट से जुड़े 12 गांवों के लगभग 135 किसानों ने 32.5 एकड़ भूमि पर हल्दी की खेती कर लगभग 130 मीट्रिक टन हल्दी का उत्पादन किया है। प्रशासन के सहयोग से स्थापित हल्दी प्रसंस्करण केंद्र में कच्ची हल्दी को प्रोसेस कर पाउडर तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में केंद्र से प्रतिमाह 2-3 मीट्रिक टन हल्दी पाउडर का उत्पादन हो रहा है। प्रसंस्करण के बाद तैयार माल की बिक्री विभिन्न माध्यमों – मार्केटिंग एजेन्सी, स्कूल संगठन, ग्राम संगठन, शासकीय संस्थाओं, रूरल मार्ट एवं हाट बाजारों के माध्यम से की जा रही है। इसके तहत हल्दी खेती 32.5 एकड़ क्षेत्र में 130 मीट्रिक टन कच्ची हल्दी का कुल उत्पादन हुआ। प्रसंस्करण से तैयार 30.40 मीट्रिक टन पाउडर बना। इससे 12 लाख रुपये से अधिक आय होने का अनुमन लगाया जा रहा है। पिछले चार माह में प्रसंस्करण केंद्र द्वारा किसानों से लगभग 105 मीट्रिक टन कच्ची हल्दी की खरीदी की गई है। इससे किसानों को समय पर भुगतान के साथ-साथ बेहतर बाजार भी उपलब्ध हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत हल्दी को शामिल कर किसानों की आय बढ़ाने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जयसिंहनगर में मशीन शिफ्ट कर स्थानीय किसानों को इसका सीधा लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही अगले वर्ष हल्दी की खेती का क्षेत्रफल 20-25 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से अपील है कि वे कृषि विभाग एवं आजीविका मिशन से संपर्क कर हल्दी सहित अन्य लाभकारी फसलों की जानकारी प्राप्त करें।