लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे, नागपुर में ली अंतिम सांस: 5 अक्टूबर को शांतिवन मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कार
शहडोल। नगर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह (मिंकू) का लंबे समय से अस्वस्थ रहने के बाद नागपुर में आज प्रातः निधन हो गया। उनके निधन की खबर से शहडोल नगर में शोक की लहर दौड़ गई। सामाजिक, अधिवक्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। अजीत प्रताप सिंह (मिंकू) को उनके सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए सदैव याद किया जाएगा। शहडोल के सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वे लोगों के सुख-दुःख में सहभागी बनने और जरूरत के समय साथ खड़े रहने के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से नगर ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया, जिसकी सामाजिक एवं मानवीय संवेदनशीलता लोगों के बीच हमेशा स्मरणीय रहेगी।
प्रतिष्ठित परिवार से था संबंध
अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह (मिंकू) वीर बहादुर सिंह (वकील साहब) के सुपुत्र थे। वे सुधीर प्रताप सिंह के छोटे भाई तथा पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस आजाद बहादुर सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल प्रताप सिंह एवं दीपक सिंह के भाई थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही परिवार, मित्रों, अधिवक्ता समुदाय, समाजसेवियों और नगर के शुभचिंतकों में शोक व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
5 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार अधिवक्ता अजीत प्रताप सिंह (मिंकू) का पार्थिव शरीर नागपुर से शहडोल स्थित उनके निवास पर लाया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 5 अक्टूबर, सोमवार को प्रातः 10:30 बजे शांतिवन मुक्तिधाम, बुढ़ार रोड, शहडोल में किया जाएगा।नगरवासियों, अधिवक्ता साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने शोकाकुल सिंह परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें। उनका सरल स्वभाव, आत्मीय व्यवहार और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण शहडोलवासियों की स्मृतियों में लंबे समय तक जीवित रहेगा।