
दैनिक भारती मध्यप्रदेश। गौसंरक्षण, गौपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित गौपालन सम्मेलन में मध्यप्रदेश के विकास को लेकर महत्वपूर्ण संदेश सामने आया। सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का भरोसा दिलाया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने गौपालन को केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय न मानते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौ आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
गौपालन को आर्थिक मजबूती से जोड़ने पर जोर
गौपालन सम्मेलन में गौवंश के संरक्षण, पशुपालकों को प्रोत्साहन तथा गौ आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान यह संदेश दिया गया कि आधुनिक तकनीक और बेहतर व्यवस्थाओं के माध्यम से गौपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।गौपालन से जुड़े किसानों और पशुपालकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पशु आहार, नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन तथा बाजार की उपलब्धता जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास की दिशा
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विकास को गति देने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रदेश के विकास में केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया। अमित शाह ने मध्यप्रदेश की प्रगति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मजबूती से खड़े रहने और विकास के संकल्प को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया। इससे प्रदेश में विकास योजनाओं को गति देने तथा केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को और मजबूत करने का संदेश सामने आया।
किसानों और पशुपालकों के हित में बढ़ेंगे कदम
गौपालन सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि मध्यप्रदेश की बड़ी आबादी कृषि और पशुपालन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी है। ऐसे में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करना ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। गौपालन को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा देने, पशुपालकों को आवश्यक प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गौ आधारित उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
गौसंरक्षण के साथ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का संकल्प
सम्मेलन में गौसंरक्षण की भावना के साथ आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प भी सामने आया। गौपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाकर किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया। गौपालन सम्मेलन से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि गौसंरक्षण, ग्रामीण विकास, किसान कल्याण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को साथ लेकर मध्यप्रदेश के विकास को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से इन प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।