सेमरावल और मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर से कई इलाकों में घुसा पानी, प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री; राहत-बचाव कार्य तेज
चित्रकूट। लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी के जलस्तर में तेज वृद्धि के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया और कई लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
रात में की स्थिति की समीक्षा, सुबह पहुंचे प्रभावितों के बीच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार देर रात रीवा पहुंचे और अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद रविवार सुबह वे चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण किया तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पहुंचकर
बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की और उनकी परेशानियों की जानकारी ली।
भोजन, पानी और इलाज की व्यवस्था के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए तथा प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों की मदद करे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जब तक चित्रकूट में जनजीवन सामान्य नहीं हो जाता, वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।
नुकसान का कराया जाएगा सर्वे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाढ़ से लोगों के घरों, घरेलू सामान और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का विधिवत सर्वे कराया जाएगा। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
राहत-बचाव में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित राहत-बचाव दलों को सक्रिय किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कुछ स्थानों पर बचाव कार्यों में नाव और हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई। हालांकि ताजा स्थिति में मंदाकिनी का जलस्तर घटने के संकेत मिले हैं, लेकिन यमुना के बढ़े जलस्तर के कारण चित्रकूट के कुछ अन्य इलाकों में पानी का दबाव बना हुआ है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
मुख्यमंत्री बोले—संकट की घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में पूरी तत्परता बरतने तथा प्रभावित परिवारों की जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लोगों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्य तथा बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन पर है। मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने और अधिकारियों को सीधे निर्देश देने से राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।