प्रशिक्षण में अव्यवस्थाओं से नाराज जनप्रतिनिधि पहुंचे कलेक्ट्रेट, कलेक्टर ने सुनी समस्याएं

दैनिक भारती शहडोल। जिले में आज वी.वी. रामजी योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोहागपुर जनपद पंचायत में आयोजित प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सरपंच, उपसरपंच, पंच एवं जनपद सदस्यों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिली।

व्यवस्थाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज

प्रशिक्षण में पहुंचे कुछ जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में उनके लिए अपेक्षित व्यवस्थाएं नहीं की गईं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अनुरूप सम्मानजनक व्यवहार नहीं मिला। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच नाराजगी बढ़ती गई।

एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे जनप्रतिनिधि

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामने आई व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एकजुट होकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नारेबाजी की और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि वे जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और शासकीय कार्यक्रमों में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार एवं उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कलेक्टर ने स्वयं संभाला मोर्चा, सुनी जनप्रतिनिधियों की बात

मामला कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्वयं जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने उनकी समस्याओं और नाराजगी को गंभीरता से सुना तथा पूरे मामले को समझने का प्रयास किया।कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों को समझाते हुए उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमियों में आवश्यक सुधार का भरोसा दिलाया।

सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर व्यवस्था की मांग

जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ सम्मानजनक व्यवहार भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद से समाधान की उम्मीद

पूरे घटनाक्रम के बाद कलेक्टर द्वारा जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद किए जाने को सकारात्मक पहल माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं में सुधार का भरोसा दिए जाने के बाद अब उम्मीद है कि आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत ने संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में रास्ता तैयार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *