
दैनिक भारती शहडोल। कटनी से शहडोल की ओर आ रही बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस बुधवार सुबह शहडोल रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले कथित तौर पर लाल सिग्नल पार कर आगे बढ़ गई। घटना करीब सुबह 10 बजे बंधवाबारा और शहडोल रेलवे स्टेशन के बीच की बताई जा रही है। ट्रेन द्वारा इंटरमीडिएट ब्लॉक स्टॉप सिग्नल (आईबीएस) के लाल होने के बावजूद आगे बढ़ने की जानकारी सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों में हलचल मच गई।
स्टेशन पहुंचते ही शुरू हुई जांच
घटना की जानकारी रेलवे अधिकारियों को मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया गया। ट्रेन के शहडोल रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद अधिकारियों की टीम ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सिग्नल की स्थिति, ट्रेन संचालन से जुड़ी प्रक्रिया और लोको पायलट की कार्रवाई सहित विभिन्न पहलुओं को देखा जा रहा है।
क्या होता है इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल
इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नल प्रणाली का उद्देश्य दो रेलवे स्टेशनों के बीच लंबे रेलखंड को छोटे-छोटे ब्लॉक सेक्शन में विभाजित करना है। इससे एक ही दिशा में चलने वाली ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलती है। इस व्यवस्था में ट्रेन की स्थिति पर नजर रखने के लिए तकनीकी प्रणालियों, जिसमें एक्सल काउंटर जैसे उपकरण शामिल हैं, का उपयोग किया जाता है। इन्हीं प्रणालियों के आधार पर संबंधित सिग्नल की स्थिति नियंत्रित होती है।
लाल सिग्नल पर ट्रेन रोकना होता है अनिवार्य
रेलवे के निर्धारित सुरक्षा नियमों के अनुसार आईबीएस सिग्नल लाल होने की स्थिति में लोको पायलट को ट्रेन को सिग्नल से पहले रोकना होता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सिग्नल पोस्ट पर उपलब्ध टेलीफोन के माध्यम से पिछले स्टेशन के स्टेशन मास्टर से संपर्क किया जाता है। स्टेशन मास्टर से अनुमति मिलने के बाद ही निर्धारित नियमों के अनुसार ट्रेन को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में लाल सिग्नल पार कर ट्रेन के आगे बढ़ने की घटना को रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना जा रहा है।
सिग्नल लाल क्यों था, जांच में तलाशा जा रहा जवाब
अब रेलवे अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिग्नल लाल होने के बावजूद ट्रेन आगे कैसे बढ़ी। जांच टीम द्वारा सिग्नल सिस्टम की स्थिति, तकनीकी उपकरणों की कार्यप्रणाली, परिचालन व्यवस्था और ट्रेन चालक द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक वजह
फिलहाल घटना के वास्तविक कारण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। रेलवे की जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि लाल सिग्नल पार करने के पीछे तकनीकी कारण था, परिचालन संबंधी स्थिति थी या मानवीय चूक। रेलवे अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
रेल सुरक्षा को लेकर घटना ने बढ़ाई चिंता
बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस जैसी यात्री ट्रेन से जुड़ी इस घटना ने रेल परिचालन में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।