डायल-112 की तत्परता से भटके 7 वर्षीय बालक को मिला परिवार, अमलाई रेलवे स्टेशन पर मिला था बच्चा, पुलिस जवानों ने परिजनों से संपर्क कर सुरक्षित किया सुपुर्द

दैनिक भारती शहडोल। अमलाई रेलवे स्टेशन पर घर का रास्ता भटककर पहुंचे सात वर्षीय बालक को डायल-112 की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचा दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्चे को समय रहते संरक्षण मिला और परिवार से उसका पुनर्मिलन हो सका। जानकारी के अनुसार 29 सितंबर 2026 की रात करीब 7:33 बजे राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में सूचना प्राप्त हुई कि शहडोल जिले के अमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलाई रेलवे स्टेशन पर एक बच्चा मिला है, जो अपने घर का रास्ता भटक गया है और उसे पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही अमलाई थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ में शामिल आरक्षक रविशंकर एवं पायलट अभिनय सिंह बघेल ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर करीब सात वर्षीय बालक को संरक्षण में लिया।

आस-पास तलाश के बाद थाने लाया गया बालक

पुलिस जवानों ने बालक के परिजनों की जानकारी के लिए आसपास के क्षेत्र में तलाश की, लेकिन तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद बालक को सुरक्षित डायल-112 वाहन से अमलाई थाने लाया गया। थाने में पुलिसकर्मियों ने बालक से स्नेहपूर्वक बातचीत कर उसके बारे में जानकारी प्राप्त की। बालक ने बताया कि वह हॉस्टल में रहता है। वह हॉस्टल से बाहर निकलकर ट्रेन में बैठ गया था और अनूपपुर जा रहा था। इसी दौरान वह गलत स्टेशन पर उतर गया और रास्ता भटक गया।

परिजन का मोबाइल नंबर मिला, थाने बुलाकर किया सुपुर्द

बालक के पास से पुलिसकर्मियों को उसके परिजनों का मोबाइल नंबर मिला। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क कर बालक के माता-पिता को सूचना दी और उन्हें थाने बुलाया। परिजनों के थाने पहुंचने के बाद आवश्यक पहचान एवं सत्यापन की कार्रवाई की गई। इसके पश्चात बालक को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और डायल-112 सेवा की तत्परता एवं पुलिस जवानों की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया। डायल-112 टीम की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मुसीबत में फंसे लोगों, विशेषकर बच्चों की सहायता के लिए पुलिस की त्वरित और संवेदनशील पहल कितनी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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