गणेश विसर्जन के बाद मंडला में करंट का कहर, चार युवकों की मौत

हीरापुर गांव में देर रात पंडाल पर गिरा बिजली का तार, लोहे के ढांचे और गीली जमीन में फैला करंट; तीन युवक गंभीर रूप से झुलसे

दैनिक भारती मंडला। गणेश उत्सव की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद पंडाल में विश्राम कर रहे युवकों पर अचानक बिजली का तार गिर गया। करंट की चपेट में आने से चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में चीख-पुकार शुरू हो गई। घटना मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हीरापुर की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद करीब 7 से 8 युवक पंडाल में ही आराम कर रहे थे। देर रात अचानक ऊपर से बिजली का तार टूटकर पंडाल पर जा गिरा।

लोहे के ढांचे से फैल गया करंट

बताया गया कि पंडाल में लोहे का ढांचा लगा हुआ था और बारिश के कारण आसपास का वातावरण भी गीला था। बिजली का तार पंडाल पर गिरते ही लोहे के ढांचे और आसपास करंट फैल गया। पंडाल में सो रहे युवक इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुई इस घटना से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। युवकों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कराकर करंट की चपेट में आए लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसे युवकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

चार युवकों की मौके पर मौत

हादसे में चार युवकों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—

  • जैन भांवर, उम्र 19 वर्ष
  • कृष्ण कुमार भांवर, उम्र 18 वर्ष
  • रवि झारिया, उम्र 24 वर्ष
  • वीरेन्द्र भांवर, उम्र 25 वर्ष

वहीं हादसे में तीन अन्य युवक गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने आना बाकी है।

गणेश उत्सव की खुशियां बदलीं मातम में

गांव में गणेश उत्सव को लेकर उत्साह का माहौल था। प्रतिमा विसर्जन के बाद युवक पंडाल में आराम कर रहे थे, लेकिन कुछ ही देर बाद हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। जिन परिवारों के युवक कुछ समय पहले तक उत्सव में शामिल थे, वहां अचानक मातम पसर गया।

बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी पंडालों और बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंडालों के ऊपर या आसपास से गुजरने वाली बिजली लाइनों की जांच, तारों की स्थिति और आयोजनों के दौरान विद्युत सुरक्षा की व्यवस्था कितनी पर्याप्त थी, यह जांच का विषय है। हादसे के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पंडाल के आसपास बिजली लाइन गुजर रही थी तो क्या आयोजन से पहले विद्युत विभाग या संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुरक्षा का निरीक्षण किया गया था? साथ ही यह भी जांच जरूरी है कि बिजली का तार किस कारण से टूटा और हादसे के समय विद्युत आपूर्ति क्यों जारी थी।

जांच के बाद सामने आएगा हादसे का कारण

फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह और बिजली का तार टूटने की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद हुआ यह हादसा पूरे हीरापुर गांव के लिए गहरा सदमा है। ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली व्यवस्था की सुरक्षा जांच की मांग की है।

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