मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भोपाल के दशहरा मैदान से दिखाएंगे हरी झंडी, सात शहरों से शुरू होगा पहला चरण

भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ शुक्रवार, 25 सितंबर को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित बीएचईएल दशहरा मैदान में होगा। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी कार्यक्रम में शामिल होकर बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दशहरा मैदान पहुंचकर देखीं तैयारियां
कार्यक्रम से एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम बीएचईएल क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तैयार किए गए मंच, सभा स्थल, बसों की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक इंतजामों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नई बसों में बैठकर उनमें उपलब्ध सुविधाओं और आधुनिक तकनीक की जानकारी भी ली। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने कार्यक्रम एवं परिवहन सेवा से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दौरान भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सात शहरों से शुरू होगी सेवा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के प्रथम चरण में प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शहरों को शामिल किया गया है। इन शहरों से कुल 351 बसें यात्रियों की सेवा में उतारी जाएंगी।
किस शहर को कितनी बसें?
- इंदौर — 145 बसें: 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी
- भोपाल — 106 बसें: 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी
- जबलपुर — 67 बसें: 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी
- रीवा — 18 इंटरसिटी बसें
- देवास — 10 इंटरसिटी बसें
- कटनी — 3 इंटरसिटी बसें
- भिंड — 2 इंटरसिटी बसें
इस तरह शुरुआती चरण में 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें सड़कों पर उतरेंगी।
शहरों के साथ ग्रामीण कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ ही शहरों के भीतर यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत आगे चलकर ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना है।
सरकार ने 2031 तक प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। साथ ही प्रदेश में लगभग 15 हजार आधुनिक सार्वजनिक बसों के संचालन की योजना बताई गई है।
आधुनिक सुविधाओं पर रहेगा जोर
नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बसों में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के साथ निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है। बसों के संचालन, लोकेशन और समयबद्धता की निगरानी के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का उपयोग किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
पहले चरण के बाद बढ़ेगा दायरा
पहले चरण में 351 बसों से शुरू होने वाली यह सेवा आगे प्रदेश के अन्य शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार पाने की योजना के साथ शुरू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक व्यवस्थित बनाते हुए यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
शुक्रवार को भोपाल के दशहरा मैदान से 351 बसों के पहियों के साथ मध्यप्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के नए चरण की शुरुआत होगी।