
दैनिक भारती शहडोल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार में बुधवार को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रक्त संचरण परिषद (NBTC) एवं राज्य रक्त संचरण परिषद (SBTC) के संयुक्त तत्वाधान में “सेवा संकल्प अभियान” के तहत एक ऐतिहासिक एवं विशाल रक्तदान शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस मानव सेवा के महायज्ञ में क्षेत्र के युवाओं, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 30 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। संग्रहित रक्त को सभी आवश्यक जांचों के बाद जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक अनूपपुर में सुरक्षित जमा किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर गंभीर मरीजों, प्रसव पीड़ित महिलाओं, सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। इस पूरे शिविर का आयोजन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सचिन करखुर के कुशल मार्गदर्शन एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढार के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौरभ सिंह परिहार के ऊर्जावान नेतृत्व में किया गया। इस शिविर का सबसे भावुक और प्रेरणादायी पल तब आया जब डॉ. सौरभ सिंह परिहार ने मंच से केवल भाषण देने के बजाय स्वयं रक्तदान बेड पर लेटकर रक्तदान किया। अक्सर देखा जाता है कि लोग रक्तदान करने से डरते हैं, लेकिन एक जिम्मेदार चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वयं रक्तदान करने से वहां मौजूद हर व्यक्ति का डर खत्म हो गया। इस दृश्य को देखकर शिविर में मौजूद युवाओं में जोश भर गया और कई युवाओं ने तुरंत रक्तदान के लिए अपना पंजीयन कराया। डॉ. परिहार ने युवाओं के बीच जाकर कहा कि रक्तदान महादान है और इससे बड़ा कोई पुण्य का कार्य नहीं हो सकता। अपने संबोधन में डॉ. सौरभ सिंह परिहार ने कहा, “रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, यह केवल मानव शरीर में ही बनता है। आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जिंदगी बचा सकता है। यदि हम सभी स्वस्थ लोग हर तीन महीने में एक बार रक्तदान करें तो जिले में रक्त की कमी की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है।”वहीं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सचिन करखुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि बुढार विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रक्तदान शिविरों का आयोजन ग्रामीण अंचलों में भी किया जाएगा। उन्होंने डॉ. परिहार के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की और सभी रक्तदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक जय सिंह जी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर का आयोजन समाज में जीवन बचाने का पुनीत कार्य है। डॉ. सौरभ सिंह द्वारा स्वयं रक्तदान करना काबिले तारीफ है और यह युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर के गणमान्य नागरिक रविंदर कौर छाबड़ा जी, दौलत मनवानी, कैलाश विसनानी, राकेश पांडे, अर्जुन सोनी, अजय शर्मा, डॉ. सहिली जैन और आलोक राय (लोक अभियोजक)* विशेष रूप से मौजूद रहे। लोक अभियोजक आलोक राय ने कहा कि रक्तदान करना न केवल सामाजिक बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। सभी अतिथियों ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस शिविर को सफल बनाने में सीएचसी बुढार की लैब एवं प्रबंधन टीम का विशेष योगदान रहा। लैब टीम में कामता प्रजापति (लैब टेक्नीशियन), राजभान सिंह (लैब टेक्नीशियन), एम. के. हेला जी (सीनियर लैब टेक्नीशियन), लक्ष्मण सिंह (लैब असिस्टेंट) ने रक्त संग्रहण, हीमोग्लोबिन जांच, ब्लड प्रेशर जांच और ब्लड ग्रुपिंग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। वहीं चित्रलेखा (CHO) एवं रेखा कोल (CHO) ने रक्तदाताओं की काउंसलिंग की। शिविर के प्रबंधन में राजकुमार महतो (सुपरवाइजर), समीर खान (BEE), विवेक वर्मा (BPM) ने सुबह से शाम तक व्यवस्था संभाली। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि 18 से 65 वर्ष की आयु का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।