
दैनिक भारती शहडोल। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के आधुनिकीकरण और सुगम आवागमन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन परिसर में मुख्य आवाजाही वाले रास्तों पर बने स्थायी/अस्थायी कैंटीन शेड इस पूरी योजना के उद्देश्य को प्रभावित कर रहे हैं।
यातायात में रुकावट: सर्कुलेटिंग एरिया और मुख्य प्रवेश मार्ग के ठीक पास कियोस्क या कैंटीन स्ट्रक्चर बनने से वाहनों के टर्न लेने (यू-टर्न) और ड्रॉप-ऑफ में सीधी अड़चन आ रही है।
अव्यवस्था और जाम: कैंटीन के सामने अचानक रुकने वाले वाहन और खड़े रहने वाले लोगों के कारण पीक ऑवर्स में जाम की स्थिति बन रही है।

अमृत भारत योजना के मूल लेआउट पर असर: योजना का मुख्य उद्देश्य स्टेशन परिसर को खुला, सुगम और अवरोध-मुक्त बनाना था, लेकिन ऐसे निर्माण से स्टेशन का फ्रंट व्यू छिप रहा है और पैदल चलने वालों के लिए बना पाथवे भी बाधित हो रहा है।
सुरक्षा एवं जलजमाव का जोखिम: निर्माण सामग्री और पास में रखे बड़े केबल रोल जैसी चीजें बारिश के दिनों में फिसलन और दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
अमृत भारत स्टेशन पर अव्यवस्था: स्टेशन के कायाकल्प के बाद सर्कुलेटिंग एरिया में अनियोजित तरीके से बने कैंटीन/कियोस्क से वाहन चालकों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य निकास/प्रवेश मार्ग संकरा होने से दिनभर जाम के हालात बन रहे हैं। रेल प्रशासन से मांग है कि यात्री सुविधा और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण की जगह की समीक्षा की जाए।